हेल्पलाइन

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शिकायत निवारण नीति

नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (एनएमआरसी) का सतर्कता विभाग, नोएडा मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के कर्मचारियों द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अंतर्गत किए गए अपराधों से संबंधित समस्त शिकायतों के निपटान हेतु नोडल कार्यालय है।

एनएमआरसी सतर्कता विभाग का अधिकार क्षेत्र

  1. शिकायतें केवल एनएमआरसी लिमिटेड के अधिकारियों के विरुद्ध ही दर्ज की जा सकती हैं।
  2. एनएमआरसी सतर्कता विभाग को निजी व्यक्तियों तथा अन्य संगठनों के अधिकारियों पर कोई अधिकार क्षेत्र प्राप्त नहीं है।

शिकायत दर्ज कराना

शिकायतें, मुख्य सतर्कता अधिकारी/एनएमआरसी, ब्लॉक-III, गंगा शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-29, नोएडा-201301 को सीधे लिखित पत्राचार/पत्र संबोधित करते हुए दर्ज कराई जा सकती हैं।

लिखित पत्राचार/पत्र के माध्यम से भेजी गई शिकायतों में प्रेषक का पूर्ण डाक पता (यदि उपलब्ध हो तो मोबाइल/टेलीफोन नंबर सहित) एवं संबंधित मामले का विशिष्ट विवरण/जानकारी अंकित होनी चाहिए।

एनएमआरसी सतर्कता में शिकायतों पर की जाने वाली कार्यवाही

  1. केवल वे शिकायतें जो एनएमआरसी अधिकारियों के विरुद्ध हों तथा जिनमें भ्रष्टाचार के आरोप निहित हों, एनएमआरसी सतर्कता द्वारा जांच हेतु ली जाएंगी।
  2. सतर्कता विभाग में एक बार शिकायत दर्ज हो जाने के पश्चात, जब तक सतर्कता विभाग द्वारा आवश्यक न समझा जाए, तब तक उस मामले में आगे कोई पत्राचार स्वीकार नहीं किया जाएगा। तथापि, एनएमआरसी सतर्कता यह सुनिश्चित करेगी कि शिकायतों की जांच की जाए तथा उन्हें तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने हेतु कार्यवाही की जाए।
  3. निविदाओं (टेंडर) के विरुद्ध शिकायतों के संबंध में यह स्पष्ट किया जाता है कि एनएमआरसी सतर्कता मामले की जांच तो कराएगी, किंतु निविदा प्रक्रिया में स्वयं हस्तक्षेप नहीं करेगी। इसका उद्देश्य संगठन के कार्य को बाधित करना नहीं है।
  4. चूंकि एनएमआरसी सतर्कता केवल भ्रष्टाचार से संबंधित मामलों का निपटान करती है, अतः सतर्कता विभाग को की जाने वाली शिकायतों का केंद्र बिंदु शिकायत निवारण नहीं होना चाहिए।
  5. शिकायतों में तथ्यात्मक विवरण, सत्यापन योग्य तथ्य एवं संबंधित मामले सम्मिलित होने चाहिए। ये अस्पष्ट अथवा व्यापक सामान्य आरोपों से युक्त नहीं होनी चाहिए।
  6. एनएमआरसी सतर्कता गुमनाम/छद्म नाम से प्राप्त शिकायतों पर विचार नहीं करती है।
  7. उपर्युक्त मानदंडों को पूर्ण न करने वाली शिकायतों को या तो अभिलेखबद्ध कर दिया जाएगा अथवा आवश्यक कार्यवाही हेतु संबंधित एनएमआरसी विभाग को संदर्भित किया जाएगा। शिकायतकर्ताओं को तत्पश्चात उन शिकायतों की स्थिति संबंधित एनएमआरसी विभाग से ज्ञात करनी चाहिए।

व्हिसल ब्लोअर शिकायतें (पीआईडीपीआईआर)

यदि कोई शिकायतकर्ता भ्रष्टाचार के किसी मामले को उजागर करते हुए अपनी पहचान गुप्त रखना चाहता है, तो उसे जनहित प्रकटीकरण एवं सूचनादाताओं का संरक्षण संकल्प (पीआईडीपीआईआर) - जिसे सामान्यतः व्हिसल ब्लोअर प्रावधान के नाम से जाना जाता है - के अंतर्गत सचिव, सीवीसी को सीधे शिकायत प्रस्तुत करनी चाहिए।

पीआईडीपीआईआर के अंतर्गत शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया

जनहित प्रकटीकरण एवं सूचनादाताओं का संरक्षण संकल्प के अंतर्गत शिकायत केवल डाक द्वारा ही की जा सकती है। शिकायतें सचिव, सीवीसी को संबोधित की जानी चाहिए तथा लिफाफे पर पीआईडीपीआई अथवा व्हिसल ब्लोअर स्पष्ट रूप से अंकित होना चाहिए। शिकायतकर्ता को लिफाफे पर अपना नाम अथवा पता अंकित नहीं करना चाहिए। व्यक्तिगत विवरण अलग से अथवा लिफाफे के भीतर रखे गए शिकायती पत्र के आरंभ अथवा अंत में दिया जाना चाहिए, जिससे उन्हें सरलतापूर्वक हटाया (ब्लॉक आउट) जा सके।